गुरुग्राम मेट्रो: दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो में बनेगी डायवर्जन की योजना

Gurugram News Network – दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण के दौरान यातायात डायवर्जन योजना बनेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) की सलाहकार कंपनी ने यातायात डायवर्जन बनाया था। गुरुग्राम मेट्रो रेल कार्पोरेशन (जीएमआरएल) की तरफ से नियुक्त एजेंसी यह योजना बनाएगी, जिसे यातायात पुलिस से मंजूर करवाने के बाद धरातल पर काम शुरू किया जाएगा। जहां-जहां सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत है तो यह एजेंसी बनाएगी। n
बता दें कि ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से लेकर डीएलएफ साइबर सिटी तक 28.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट तैयार करना है। इसमें मेट्रो के 27 स्टेशन बनने हैं। इसके निर्माण पर करीब 5452 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। तीन चरणों में मेट्रो का निर्माण होगा, जिसके तहत पहले चरण का टेंडर लगा दिया है।

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मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-नौ तक मेट्रो निर्माण में 1286 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। दूसरे चरण में सेक्टर-नौ से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरीडोर तैयार होगा। तीसरे चरण में सेक्टर-33 स्थित मार्बल मार्केट में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो डिपो बनेगा।
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nबख्तावर चौक पर मेट्रो स्टेशन और अंडरपास का एक ही पिलर बनेगा। बैठक में मेट्रो स्टेशन और अंडरपास का डिजाइन तैयार करने वाले सलाहकार मौजूद रहे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आदेश जारी किए कि दोनों एजेंसियां एक साथ बैठकर इस डिजाइन को अंतिम रूप दें। जीएमडीए के सलाहकार की तरफ से डिजाइन फाइनल होने के बाद बख्तावर चौक अंडरपास की डीपीआर तैयार की जाएगी। एक महीने के अंदर इस डिजाइन को फाइनल करने के आदेश जारी किए।

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nहीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक मेट्रो बाईं तरफ चलनी है। बाईं तरफ में एचवीपीएन का सेक्टर-10 में 66केवीए क्षमता का बिजली घर आ रहा है। इसे स्थानांतरित करने के लिए एचवीपीएन ने करीब 23 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बना लिया है, लेकिन एचएसवीपी ने अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं करवाई है।

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मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एचएसवीपी अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि इस बिजली घर के स्थानांतरण के लिए एचवीपीएन को जमीन उपलब्ध करवाई जाए। जमीन मिलने के बाद बिजली घर स्थानांतरण में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा।
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